रविवार, 9 मार्च 2014

डाक विभाग का कायाकल्प

संचार और सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय द्वारा डाक विभाग का काफी रूपान्‍तरण किया जा रहा है। इसने डाक विभाग का कायाकल्‍प कर दिया है और डाक विभाग को अब राष्‍ट्र में प्रौद्योगिकी चालित विभाग के रूप में जाना जाता है। इसके लिए सरकार ने आईटी आधुनिकीकरण परियोजना मंजूर की है जिस पर कुल 4,909 करोड़ रूपये परिव्‍यय होगा। इस विशिष्‍ट परियोजना के तहत देश में फैले सभी 1,55,000 डाकघरों को नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा। डाकघर बचत बैंक का कोर बैंकिंग समाधान, पोस्‍टल जीवन बीमा का मेक्‍केमीस बीमा समाधान किया जाएगा। इससे देश में सभी जबावदेह डाक प्रेषण का ध्‍यान रखा और पता लगाया जा सकेगा। आईटी आधुनिकीकरण परियोजना 2012 में शुरू की गई तथा 2015 में इसका परिचालन होने की आशा है। इसमें 8 अनुभाग शामिल किये गये हैं जिन पर कार्य विभिन्‍न चरणों में चल रहा है। एक समर्पित डाटा सेंटर पहले ही बना लिया गया है। यह परियोजना इसके अनुपात को देखते हुए बेजोड़ है तथा डाक विभाग के ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के वायदें तथा कर्मचारियों की उच्‍चतर संतुष्‍टि‍ रेखांकित करती है। इस परियोजना के माध्‍यम से भारतीय जन मानस तक पहुंच को और व्‍यापक बनाया जाएगा। डाकघर के सभी विभागों में कोर बैंकिंग सोल्‍यूशन (सीबीएस) डॉक विभाग चालू पंचवर्षीय योजना के दौरान विभागीय डाक घरों में कोर बैंकिंग सोल्‍यूशन को भी लागू कर रहे हैं। परियोजना के तहत डाकघर के बचत बैंक (पीओएसबी) ग्राहकों को एटीएम बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, फोन बैंकिंग, राष्‍ट्रीय इलैक्‍ट्रोनिक निधि ट्रांसफर (एनईएफटी) एवं रियल टाइम ग्रोस सेटलमेन्‍ट (आरटीजीएस) सेवाओं की शुरूआत की। यह डाकघर के बचत बैंक ग्राहकों को एटीएम के नेटवर्क के माध्‍यम से किसी भी समय कहीं भी बैंकिंग करना सुलभ करायेगा। कोर बैंकिंग सोल्‍यूशन को 38 प्रायोगिक डाकघरों में शुरू किया गया है और 2015 तक इसे सभी विभागीय डाकघरों में लागू कर दिया जाएगा। परि‍योजना के तहत डाकघरों की शाखा में बायो-मीट्रि‍क हाथ में रखने वाला उपकरण, इसमें आधार, प्रिन्टर एवं सौर ऊर्जा से चार्ज करने वाली बैटरी युक्‍त प्रौद्योगिक सूचना मुहैया की जाएगी। देश में डाक प्रेषण से संबंधित सेवाओं की गुणवत्‍ता में सुधार करने की पहलें डाक विभाग देश में डाक प्रेषण से संबंधित सेवाओं की गुणवत्‍ता में सुधार करने की पहल कर रहा है। मेल नेटवर्क ऑप्‍टिमाइजेशन परियोजना (एमएनओपी) के भाग के रूप में डाक के वितरण के नेटवर्क का पुनर्गठन किया गया है और इसकी प्रक्रिया को फिर से डिजाइन किया गया है। स्‍पीड पोस्‍ट रजिस्‍टर्ड डाक की और अधिक प्रभावशाली निगरानी के लिए ऑन लाइन निगरानी प्रणाली विकसित की गई है। स्‍पीड पोस्‍ट मदों को खोजने की प्रणाली की भांति‍ रजिस्‍टर्ड मदों के लिए ऑन लाइन ट्रैक एवं ट्रैस प्रणाली अपनाई गई है। दिल्‍ली और कोलकता में डाक छांटने में और तेजी लाने के लिए आटोमेटिड मेल प्रसंस्‍करण केन्‍द्र (एएमपीसीएस) गठित किये गए हैं। पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में डाक प्रेषण की गतिवि‍धि की निगरानी करने के लिए डाक वाहनों में ग्‍लोबल पोजिशनिंग सिस्‍टम प्रणाली अपनाई गई है। सभी विभागिय डाकघरों में कम्‍प्‍यूटरों तथा सहायक उपकरण मुहैया करना डाक विभाग ने देश में सभी 25,145 विभागीय डाकघरों को उनकी कार्य कुशलता को बढ़ाने के लिए कम्‍प्‍यूटर तथा सहायक उपकरण भी उपलब्‍ध करा दिये हैं। दूर से प्रबंध की जाने वाली फ्रैकिंग मशीने (आरएमएफएमएस) चरणबद्ध ढ़ंग से डाकघरों को वितरित की जा रही हैं। इन मशीनों में कई सुरक्षा विशेषताएं हैं जैसे कि 2डी बारकोड़स का सर्जन जिनसे डाक की साक्ष्‍य तलाशने में सहायता मिलती है। इन मशीनों से मदों की त्‍वरित फ्रैकिंग करने से डाकघरों की कार्य कुशलता में सुधार होगा तथा ग्राहकों के बारे में तैयार डाटा बेस इलैक्‍टि‍क फॉर्म में उपलब्‍ध होगा। 'परियोजना ऐरो' डाक विभाग ने अप्रैल 2008 में 'प्रोजेक्‍ट ऐरो' नाम से गुणवत्‍ता सुधार परियोजना की भी शुरूआत की। इसमें डाकघरों के मूलभूत परिचालनों तथा इसके माहौल में व्‍यापक सुधार किया गया। डाक विभाग ने सेवोत्‍म शिकायत सिटीजन्‍स चाटर्स बनाया। इसमें विभिन्‍न डाक उत्‍पादों तथा सेवाओं के वितरण मांनदण्‍ड निर्धारित किये गये हैं। सभी स्‍तरों पर लोक शिकायतों का तुरंत निपटारा करने तथा सेवाओं की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी प्रणाली बनाई गई है। शिकायतों का निपटान करने के लिए केन्‍द्रीय लोक शिकायत निपटान तथा निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) कार्यरत हैं। ई-आईपीओ, ई-पोस्‍ट, एक्‍सप्रैस पार्सल पोस्‍ट जैसी नई सेवाएं शुरू की गई हैं। जिनसे न केवल नए राजस्‍व का रास्‍ता खुला है बल्‍कि डाकघरों की पहुंच का दायरा बढ़ा है। इनसे ग्राहकों को मूल्‍यवर्धित सेवाएं भी मिली है। बाजार शेयर में बढ़ोत्‍तरी प्राइवेट कोरियर की तुलना में डाक विभाग के मूल्‍यवर्धित सेवाओं का बाजार शेयर पिछले दो वर्षों में बढ़ा है राजस्‍व में बढ़त सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के कारण डाक सेवाओं से राजस्‍व में हर वर्ष बढ़ोत्‍तरी हो रही है तथा सरकार हर आगामी वर्ष के लिए लक्ष्‍यों में बढ़ोत्‍तरी कर रही है। विभाग ने और अधिक राजस्‍व बढ़ाने के लिए निम्‍नलिखित कदम उठाए हैं : - डाक सेवाओं की गुणवत्‍ता में बढ़ावा देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधुनि‍की‍करण परियोजना के अलावा मेल नेटवर्क आप्‍टिमाइजेशन परियोजना के तहत कई पहल की गई हैं। लघु बचत नेटवर्क के तहत खास कर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक व्‍यक्तियों तक पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाये गये हैं। इसी प्रकार के अभियान ग्रामीणों के बीच जीवन बीमा/बचत के लिए पोस्‍टल लाइफ इंशोरेंस (पीएलआई) तथा ग्रामीण पोस्‍टल लाइफ बीमा (आरपीएलआई) चलाये गये हैं। प्रत्‍येक पोस्टल सर्कि‍ल के राजस्‍व तथा खर्चों से संबंधित वित्‍तीय स्थिति की नियमित आधार पर समीक्षा की जाती है। बाजार की मांग को देखते हुए पोस्‍टल उत्‍पादों की सेवा प्रणाली में सुधार और पुनर्गठन किया गया है।

2 टिप्‍पणियां:

  1. Dak vibhag head quaters me ATM lagane ki bhi yeojna par kam kar raha h.Jiske tahat 1,000 ATM lagaye jayenge.Ishke postal dipartment ki tranjection kast me kami ayegi.abhi counter se hone vale partyek lenden ki lagat 25 rup. h.Jabki ATM se hone par yah10 se14 rup.par aa jaygi. Sanjay

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  2. Dak vibhag head quaters me ATM lagane ki bhi yeojna par kam kar raha h.Jiske tahat 1,000 ATM lagaye jayenge.Ishke postal dipartment ki tranjection kast me kami ayegi.abhi counter se hone vale partyek lenden ki lagat 25 rup. h.Jabki ATM se hone par yah10 se14 rup.par aa jaygi. Sanjay

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